Saturday, 22 January 2022

सातों बहना पावणी चिरजा लिरिक्स Sato bahina pawani chirja lyrics


 ....... 🙏सातों बहना पावणी🙏.... 


तारां बिचलै चांद सरीखी, सूरत लुभावणी। (मूरत मन भावणी) 

जग तारण हित जन्म लियो, अ सातूं बहना चारणी। 

कुम कुम पग धरिया धरती पर, सातुं बहना पावणी। 


आवड़ आछी छाछी लांगी, हुली गुली रेपल मां, 

हिंगलाजा अवतारी अम्बा, मामड़ रै घर आवणी। 

जग तारण हित...... 


तेमड़ राक्षस मार भवानी, तेमड़ राय कहाई जी। 

देगराय दीनां दुखियां री, पल करै सहाई जी। 

जग तारण हित..... 


जैसाणै तन्नोट धरा पर, बसै आवड़ा माई जी। 

बैरी बम नै भाटा करिया, फौजां नैं जितवायी जी। 

जग तारण हित.... 


डूंगर माथै बण्यो देवरो, काला डूंगर राई जी। 

जग पूजै मन मोद भर्यां, हे घंटियाली महमाई जी। 

जग तारण हित.... 


दुष्ट वसन दूषित कर दिन्या, नाग रूप धर ध्यायी जी। 

मारवाड़ में सांची सगती, नागणेच्यां कहलाई जी। 

जग तारण हित... 


भादरियै में भवन सुहाणूं, शोभा पार ना पाई जी। 

भादरियै की राय, पुत्र प्रांजल की करो सहाई जी। 

 जग तारण हित


  जय माता  जी

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