Saturday, 22 January 2022

कोई ना सुणे मामा किणनै सुणाऊ चिरजा लिरिक्स bhairav nath chirja lyrics kavi pranjal


 पहली बार भैरव नाथ की चिरजा का प्रयास


तर्ज : कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं

तर्ज : कोई ना सुणै म्हारी किणनै सुणाऊं

*कोई ना सुणैं मामा किणनैं सुणाऊं*

*कोई ना सुणैं मामा किणनैं सुणाऊं*

*मनडै़ री बातां मिणधर किणनैं बताऊं*

*हिवडै री पीर म्हारी किणनैं सुणाऊं* 

*कोई ना सुणै मामा ....*


*जगत जमानूं म्हांनै ताना सुणावै*

*कड़वी कड़वी बातां बोलै, जीव दुख पावै*

*आंखडल्यां रा आंसु भैरव, किणनैं दिखाऊं*

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं*



*थारै ही भरोसै मिणधर नाव मझधार रै*

*बण आ मल्लाह मामा कर दीजै पार रै* 

*अ लहरां थपेड़ा मारै ,डूब नहीं ज्याऊं*

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं.....*



*बैनड़ तो है प्यारी थानैं बैठ्यो अगवाण रै* 

*भाणजियैं रै सहाय चढ़ंता कांई आवै ताण रै*

*थारो ही भरोसो मामा, किण दर जाऊं* 

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं.....*


*मैं भी तो हूं थारै बैनड़ रो बेटो रै*

*भूल म्हारी माफ कर  कांई रूस्यो बैठ्यो रै*

*बाकला चढाऊं भैवर ,नाथ नैं मनाऊं*

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं*


*प्रांजल ध्यावैं थानैं नित कर जोड़ रै*

*बीच भंवर में मामा हाथ मत छोड़ जै*

*डूबती जहाजां म्हारी ,किण विध बचाऊं*

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं.....*


       प्रह्लाद सिंह कविया प्रांजल

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