Saturday, 22 January 2022

देशाणै बुलाओ करणी मात लिरिक्स अनुप्रिया लखावत deshane bulao karni mata lyrics anupriya lakhawat devraj charan


 दरश दिखाओ करणल मात जी, देशाणे बुलाओ करणल मात जी।

नित उठ जोड़ूूं थारै हाथ जी, देशाणै बुलाओ करनल मात जी।।


नयन दरश बिन विरह में तरसे, सावन भादो ज्यूं अंखिया बरसे।

झड़ लगी अंसुवन धार जी नित उठ जोड़ूूं थारै हाथ जी।।


चौक पूराऊं मां मंगल गाऊं, देशाणे री धरती पे वारी वारी जाऊं।

हेलो सुण लो मां महमाय जी, नित उठ जोड़ूं थारै हाथ जी।।


औरण में बोरडियां पाकी, कद मायड़ म्हानैं देशाणै बुला सी।

सूनो लागै सारो संसार जी, नित उठ जोड़ूं थारै हाथ जी।।


अरज सुणो मां बीस भुजाली, सेवगो री राखो रखवाली।

कर जोड्या गावै देवराज जी, नित उठ जोड़ूूं थारै हाथ जी।।

#देवराज सिंह सौदा राबचा »

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