जय श्री करणी मात कथा.... जय जय करणी मात कथा.....
जिसे श्रवण कर मिट जाते है....२ जीवन के संताप सदा
करणी शरण सदा सुखदाई, करणी दरश हरे विपदाई
करणी कथा अमर उजियाला, करणी नाम अमी रस प्याला
जो पीले वो अमर हो जाये, जपलो नाम सदा
क कहते करुणा बरसाई, र कहते रीझी सुरराई
नि कहते निपटे दुख सारे , करणी कह तरी लगी किनारे
तूं भी सुमिरन करले तेरी, दूर हुये हर विपदा
जै श्री करणी मात कथा....
नारद शारद नत शत ध्याये, वेद विमल जिसके गुण गाये
योगी यति मुनी ज्ञानी ध्यानी, ब्रह्मा विष्णु अवढ़रदानी
पावण चरण शरण में डेरा, कर रह्या जतन कता
जय श्री करणी मात कथा.......
जब कोई मुख से करणी बोले, कानां में मिश्री सी घोले
बोलण वालो भी है भागी, सुणबाले सबसूं बडभागी
करणी कथा को आनंद बरसै, सुणज्यो ध्यान लगा
जय श्री करणी मात कथा....
प्रहलाद कविया प्रांजल
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