पूरी चिरजा यूट्यूब पर सुनने के लिए यहां क्लिक करें
धुन : "माँ ओ माँ"
मां काबा वाली है, मां डाढ्याली है,
लोवड़ वाली है, करणी मां, करणी मां।
मेरे जीवन की, डोरी हाथों में,
तूं राखण वाली है, करणी मां, करणी मां।
रोज सताये दूनिया सारी।
याद करूं तब दौडी दौडी आती मां किनियाणी।
दुष्ट संहारी है, मां महतारी है, चंडी काली है।
करणी मां, करणी मां।
ना मांगुं मां धन और दौलत।
चरणां चित्त लगे मैया बस इतनी दीजे राहत।
सिंह असवारी मां, लागै प्यारी मां, देशाणै वाली है।
करणी मां, करणी मां।
सबसे ऊंचा नाम तुम्हारा।
कष्ट मिटाना जग के करणी मैया काम तुम्हारा।
भक्त हित आती मां, लाज बचाती मां, बीसभुज वाली है।
करणी माँ, करणी माँ।
प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल
No comments:
Post a Comment