Tuesday, 15 February 2022

पधारो मैया पावणा चिरजा लिरिक्स शादी स्पेशल Padharo maiya pawana chirja lyrics

 

देशाणा री करणी मां पधारो म्हारै आंगणा

म्हारै घर बाईसा रो ब्याव पधारो मैया पावणा

पधारो मैया पावणा मम्माया आओ पावणा 

म्हारै आनंद है अणपार पधारो मैया पावणा


चौक पुरावां सा निहारां अंबा बाट म्हे...... 2

देवां पथडै फूल बिछाय पधारो मैया पावणा

म्हारै आनंद है अणपार पधारो मैया पावणा



थाल सजावां ये बधावां गजमोतियां.... २

कोई गावां गावां मंगलाचार पधारो मैया पावणा 

म्हारै घर बाईसा रो ब्याव पधारो मैया पावणा



आसण बिराज्या ओ सगत भेला साथ में..2

कोई काला गौरा साथ मेहाई आया पावणा

म्हारा सकल सुधारया काज दयालु आया पावणा



थारी तो लाडकडी नै ओढाज्यो बोरंग चुंदडी.... २

मैया राखज्यो अमर  सुहाग मेहाई आओ पावणा

म्हारै घर बाइसा रो ब्याव



शिव थानै सिंवरै मां महेन्द्र पर मेहर करो..2

कोई प्रांजल करै है पुकार पधारो मैया पावणा

थानै ध्यावै है देव रामोतार पधारो मैया पावणा 

म्हारै घर बाइसा रो ब्याव.....

 रचना : प्रह्लाद किया प्रांजल & महेंद्र कविया

Wednesday, 2 February 2022

जय जय करणी कथा लिरिक्स karni mata chirja lyrics

 


जय श्री करणी मात कथा.... जय जय करणी मात कथा..... 

जिसे श्रवण कर मिट जाते है....२  जीवन के संताप सदा




 

करणी शरण सदा सुखदाई, करणी दरश हरे विपदाई 

करणी कथा अमर उजियाला, करणी नाम अमी रस प्याला 

जो पीले वो अमर हो जाये, जपलो नाम सदा



क कहते करुणा बरसाई, र कहते रीझी सुरराई

नि कहते निपटे दुख सारे , करणी कह तरी लगी किनारे 

तूं भी सुमिरन करले तेरी, दूर हुये हर विपदा

जै श्री करणी मात कथा....



नारद शारद नत शत ध्याये, वेद विमल जिसके गुण गाये 

योगी यति मुनी ज्ञानी ध्यानी, ब्रह्मा विष्णु अवढ़रदानी

पावण चरण शरण में डेरा, कर रह्या जतन  कता

जय श्री करणी मात कथा.......




जब कोई मुख से करणी बोले,  कानां में मिश्री सी घोले

बोलण वालो भी है भागी, सुणबाले सबसूं बडभागी 

करणी कथा को आनंद बरसै, सुणज्यो ध्यान लगा

जय श्री करणी मात कथा....

    प्रहलाद कविया प्रांजल 

Thursday, 27 January 2022

जाने कितने रूप धराये कितने ही अवतार लिये लिरिक्स कवि प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल

 


जाने कितने रूप धराये ,कितने ही अवतार लिये 

जाने कितने दुष्ट दलन को , पापिन पर प्रहार किये

जाने कितनी शक्ती तेरी,  जाने कितने हाथ तेरे 

इस धरती में कण नहीं जितने, उतने परचे मात तेरे 

तूं शक्ती तूं भक्ती मैया ,तूं ही तो अनुरक्ती है 

तूं शिव संग बनी कैलाशी, तूं ही मात विरक्ति है 

तूं अंबर तूं सागर करणी, तूं जगत जणेता है 

तुझको पाकर मोक्ष मिले मां, तूं ही मात प्रणेता है 

तूं चंदन में खुशबू मैया ,रश्मी पुंज तूं दिनकर की 

तूं विश्वास तूं ही आसा मां, खुशियां है तूं घर घर की 

तूं प्राणों का धन भुजलंबे , तूं ही सार पुराणों का 

तूं ही खंग खनकती रण में, तूं ही वेग मां बाणों का 

तूं रणचंडी तूं ही दुर्गा ,तूं रखवाली जन जन की 

तूं संहार अरी का करणी, तूं ही मौत दशानन की 

तूं बलशाली तूं विकराली , काल तुम्हारी मुट्ठी में 

तूं सूरों का सत जगदंबे ,तूं ही आन अटूटी में

तूं जल में थल में महामाया, तुम ही नभ में छाती हो 

पातों की पीड़ा हरने ,तुम वेग अनल के आती हो 

तुमसे कौन बड़ा है करनी , धरनी तेरे चरणों में 

तूं ही राज करे त्रिभुवन में, तुम अक्षर तुम वर्णों में

तेरी भक्ती की शक्ति का , किसने पार भला पाया 

मंदिर मंदिर जौत तेरी , हर मूरत में तुम महामाया 

            प्रहलाद सिंह कविया

Saturday, 22 January 2022

म्हानैं प्यारी प्यारी देशाणा धिराणी लागै चिरजा लिरिक्स Karni nam su safal jindgani lage chirja lyrics kavi pranjal

 


*तर्ज- मीठे रस से भरयोड़ी राधा रानी लागे*


*ओ करणी नाम सूं सफल जिंदगानी लागै*

*ओ म्हानैं प्यारी प्यारी देशाणा धीराणी लागै*


*बालपने सखियां संग खॆले, नवलख रास रचाई।*

*देवल मन ही मन हरसावे, सखियां मंगल गाई।*

*गावे गावे जी बधावा सुर ताल सा*


*तूं ही म्हारै मात पिता मां, तूं ही बहना भाई*

*तूं ही मालिक तूं ही दाता, धिन धिन मां मेहाई*

*म्हारो मनड़ो थारे चरणा माही लागे।।*


*आ दुनिया तो तो झूटी झूटी मैया म्हारी सांची*

*कलजुग में भगतां नैं तारै मैया बणकर मांझी*

*ओ म्हानैं मीठी मीठी मैया जी री वाणी लागै*


*जग हांसे तो उठकर आजे, तज आलस तन मांही।*

*पल में सब विपदा हर लीजे, म्हारी लाज बचाई।।*

*मां रा दर्श किया सोया भाग जागे।।*


*ध्यान धरै जगदीश तिहारो, आधै हेलै आई*

*प्रांजल नैं राखो जगदंबा आप सदा शरणाई*

*रहिज्यो टाबरियां रै मावड़ी थे सागै सागै*

       प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल 

लागी लागी जी लगन करणी माता चिरजा लिरिक्स lagi lagi ji lagan chirja lyrics kavi pranjal




 लागी लागी जी लगन मईया थारे नाम री

आई नवलाख शक्तियां म्हारे आगण आज जी ।।


दूर देशा सू थारे रे पाला आवे 

दर्शन कर सेवक सुख पावे  

सारे सारे जी करणादे भगता रा काज जी ॥

ओ आई नवलख सगत्यां....


नवरात्रा में मैया मेलो भारी लागे ।

भगता री  तकदीरा जागे | 

गूंजे गूंजे जी जयकारो करनादे नाम रो ॥

ओ आई नवलख सगत्यां म्हारै ...


आज मैंहाई म्हारे आंगन आओ । 

संग में भैरव मामा नाल्यावो ।

कर कर कोड सुनाऊ चिरजावा शक्तियां रे नाम री

आई नवलख सगत्यां.....



द्वार मैया जी थारे टाबर आया 

अम्बा आरोगो लुंजी लापसी लाया 

ध्यावे ध्यावे जी मैया ने प्रांजल देवराज जी

गावे गावे जी सेवक मां  चिरजावा राज री |

आई नवलख सगत्यां.....

भगत पुकारे सगत्यां सिंहडो सजा ल्यो चिरजा लिरिक्स कवि प्रांजल Bhagat pukare sagtya chirja lyrics kavi pranjal

 


मातेश्वरी से एक अरदास


तर्ज : काला गोरा  रै दिखै आवता 


टेर : भगत पुकारै सगत्यां केहरियो सजाल्यो ये...... 2

 साद सुण  आओ अंबे आवड़ा....


काला गोरा बीरा सगत्यां लीज्यो अगवाणी ये....... 2

दुख वाला हरज्यो देवी तावड़ा......

टेर.... 


देशाणै री करणी माता आतुर होय हालो ये...... 2

बार चढण नैं भरज्यो पांवडा

टेर.... 


जोगड़ तोगड़ खोड़ल आओ मढ़ड़ा वाली माई ये....... 2

ध्याबल वाली करां म्है मनावणा

टेर..... 


कलजुग मांही दैत आयो दुनिया सारी डरपै मां....... 2

सूना सूना पड़िया सारा गांवड़ा

टेर....... 


खुदड़ धिराणी म्हारी पत राखो महाराणी ये.... 2

बैरीड़ा रा लाग्या मां जमावड़ा

टेर.....


मालै मढ़ वाली म्हारी मात मतवाली ये...... 2

आय संभालो थारा डावड़ा ......

टेर..... 


नित उठ पूजै थानैं देवराज जस गावै ये.... 2

प्रांजल नैं दिराज्यो मां दरशावणा ....

टेर.....


       प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल

मदद चढण री टेम चिरजा लिरिक्स madad chadhan ri tem chirja lyrics kavi pranjal ramavtar marwadi

 


एक चाढाऊ चिरजा मां के चरणों में... 


आ मदद चढण री टेम गयी कठै बाई... गयी कठै बाई

थारा टाबर कलपै आज... बिसर मत ज्याई


आ भारत भू पर वात  विपद री छाई..... विपद री छाई 

ओ थांनै क्यां में लागी देर..... मात मेहाई 

आ मदद चढण री टेम..... 


मां बंद कियां क्यूं द्वार देख विपदाई.... देख विपदाई

थारा कठै गया भुजबीस..... देवल की जाई 

आ मदद चढण री टेम..... 


मां कांयी सुखभर नींद सोयग्या माई..... सोयग्या माई 

ओ कोरोना रो काल..... डसै जग मांही 

आ मदद चढण री टेम..... 


मां थे देवां का देव करो करुणाई......करो करूणाई 

जग रो रो टेरै आज..... लेवो शरणाई 

आ मदद चढण री टेम.... 


अब आणों पड़सी आज सगत सुरराई..... सगत सुरराई 

प्रांजल री राखो बात..... कृपा कर आई 

आ मदद चढण री टेम 

        

          प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल

म्हानै प्यारो प्यारो लागै खुड़द धाम चिरजा लिरिक्स इंद्र बाईसा pyaro pyaro lage khurad indra baisa bhajan lyrics kavi pranjal

 


ओ म्हानैं प्यारो प्यारो लागैं खुड़द धाम

बुलाल्यो म्हानैं अन्नदाता


ओ मीठो मिश्री सो लागै थांरो नाम

मोत्यां सूं मूंगा अन्नदाता


ऊंचां चढ़ चढ़ डागलियै पर, म्है तो काग उडावां

कद मायड़ संदेशों भेजै, कद थांरै मढ़ आवां

कद मायड़ संदेशों भेजै, चोखा सुगन मनावां

ओ आवै दर्शण करियां, हिवड़ै में आराम

बुलाल्यो म्हानैं अन्नदाता


ओ म्हानैं प्यारो प्यारो लागैं खुड़द धाम

बुलाल्यो म्हानैं अन्नदाता


ओल्यूं कर कर दिवस बिताया, आषाढ़ आवियो प्यारो

उज्वल पक्ष में शुभ नवमी रो, जन्म दिवस मां थारों

ओ आवां दोड्या दोड्या, छोड र सारा काम


बुलाल्यो म्हानैं अन्नदाता


ओ म्हानैं प्यारो प्यारो लागैं खुड़द धाम


बुलावालो म्हानैं अन्नदाता


ओ मीठो मिश्री सो लागै थांरो नाम


मोत्यां सूं मूंगा अन्नदाता


सिर पर पेच कसूमल कूर्तो, मां नर भेष बणावै

रूप निहारण चांदलियो भी, उतर धरा पर आवै

ओ थारै मुखड़ै ऊपर, सूरज जिस्यो तेज

बुलाल्यो म्हानैं अन्नदाता


ओ म्हानैं प्यारो प्यारो लागैं खुड़द धाम

बुलावालो म्हानैं अन्नदाता


ओ मीठो मिश्री सो लागै खुड़द धाम

दिखलाद्यो म्हांनै अन्नदाता


और कोई आधार नहीं मां, एक आसरो थारो

गुण थांरा गातां प्रांजल रो, जीवन गुजरै सारो

ओ थारै चरणां में रमबा द्यो, दिन रात

बुलावाल्यो म्हानैं अन्नदाता


ओ म्हानैं प्यारो प्यारो लागैं खुड़द धाम

बुलाल्यो म्हानैं अन्नदाता


प्रहलाद कविया प्रांजल

भवन में मन लाग्यो चिरजा लिरिक्स रामावतार मारवाड़ी bhawan me man lagyo karni mata bhajan lyrics kavi pranjal


 


 शीश मैया ने लोवड़ सोवै

ओ थारै मढ़ री शोभा न्यारी
भवन में मन लाग्यो
ओ दर्शन द्यो मेह दुलारी
भवन में मन लाग्यो

पगल्यां मैया नैं पायल सोवै
पगल्यां मैया नें पायल सोवै
ओ थारै भुजबंद री छिब न्यारी
भवन में मन लाग्यो
ओ मन लाग्यो मेह दुलारी
शरण में में मन लाग्यो


चढणै मैया नै रथड़ो सोवै
ओ थारै केहर री छिब न्यारी
भवन में रंग लागो
ओ दर्शन द्यो मेहदुलारी 
शरण में मन लागो



मुखड़े मैया रै तेज घणेरो 
मुखड़ै मैया रै तेज घणेरो 
ओ जावां निरख निरख  बलिहारी
 भवन में मन लाग्यो

जीमण मां रै पकवान भतेरा
जीमण मां रै है घेवर पैड़ा 
ओ म्हे तो सोहन थाल सजायो
भवन में मन लाग्यो

मढ़ में मैया  रै काबा खेलै
ओ थारो चारण वंश सवायो
भवन में मन लाग्यो

प्रांजल मां चरणा रो चेरो
मां देवराज नैं हेत घणेरो
ओ थारो रामोतार जस गायो
भवन में मन लाग्यो

खुड़द में चाल ए मनवा चिरजा लिरिक्स किन्नू बन्ना Khurad me chal e manva chirja lyrics kinnu banna kavi pranjal


 खुडद में चाल ए मनवा, जहां नवलाख रमती है .।

जहां नवलाख रमती है..... सगत साक्षात रमती है..... जहां रमती है

दरश इन्द्रेश के पाकर..... दरश इन्द्रेश के पाकर......

खुडद में चाल ए मनवा, जहां नवलाख रमती है .।


जहां नवलाख रमती है..... सगत साक्षात रमती है..... जहां रमती है

दरश इन्द्रेश के पाकर..... दरश इन्द्रेश के पाकर...... बात बिगड़ी भी बनती है

खुडद में चाल ओ मनवा.....


है हिंगलाजा जहां आवड़, संग करणी मां काबाली

संग करणी मां किनियानी

झुकालो शीश चरणों में, मात सिर हाथ धरती है


धरे मां भेष मर्दाना, सुहाना तन सजे बाना

सुहाना तन सजे बाना

दिशाएं दश तेरे मढ़ की, मां जय जयकार करती है


निरख कर मूरती मां की, मगन मन हो गया मेरा

मगन मन हो गया मेरा

है मुख पर चांद सी आभा, छवि हृदय उतरती है


करें किस बात की चिंता,शीश पर हाथ जब तेरा

है प्रांजल लाडला और लाडलों से मां की बनती है


खुड़द इंद्र बाईसा चिरजा

खुड़द में चाल रे मनवा

प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल



 

श्री करुणामय किनियाण की है आरती लिरिक्स करणी माता आरती किन्नू बन्ना shree karunamay kiniyan ki hai aarti lyrics kinnu banna kavi pranjal


 करणी माता आरती 


श्री करुणामय किनियाण की ये आरती

दैत्य दलती सेवक को तारती 



हे गुणागार , करुणावतार

तेरी निर्मल छवी निराली

कष्टों को मिटाने वाली

हे दुख हरनी मंगल करणी....२

मही व्योम उतारे आरती

दैत्य दलती सेवक को तारती


मचा त्राहीमाम , जब अमरधाम

देवों पर विपदा आई

दुर्गा बनकर तूं धाई

क्या खूब लड़ी , ले खंग खड़ी

असुरों के शीश उतारती

दैत्य दलती सेवक को तारती 


हे ममता मयी,तेरी अमिट छवी

तूं मढ़ देशाण विराजे

कर शूल सुदर्शन साजे

हे भयभंजन हे जगरंजन

भगतो के काज सुधारती

दैत्य दलती सेवक को तारती 



हे दया सिंधू, मां दीनबंधु

तेरी सकल जगत सकलाई

सन्मुख हो करती सहाई

जब भीर पड़े, मां सिंह चढ़े

विपदा से आन उबारती

दैत्य दलती सेवक को तारती 


जब धर्म घटा ,और पाप बढ़ा

अवनी पर अंबा आई

हरने सबकी विपदाई

नत हो प्रांजल, रसना हर पल

तेरा ही नाम उचारती

दैत्य दलती सेवक को तारती


श्री करणामय किनियाण की ये आरती

दैत्य दलती सेवक को तारती 

  

      प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल

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मेहाई कियां टाबरिया नैं भूल्या ओ चिरजा लिरिक्स Mehai kiya tabariya ne bhulya o lyrics kinnu banna kavi pranjal

 


जय मां करणी


*अब तो सुणले मावड़ी, कर कर हारयो टेर*

*करनादे कियां बालुड़ा नैं भूल्या ओ.....*

*मेहाई कियां टाबरिया नैं भूल्या ओ*

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*अणदो तो कांई थारो लाडलो मां*

*मैं के परायो लाल*

करनादे कियां बालुड़ा नैं भूल्या ओ*

*मेहाई कियां टाबरिया नैं भूल्या ओ*


*शेखे की तो सुण विनती मां*

*ल्यायी जेल कटार*

करनादे कियां बालुड़ा नैं भूल्या ओ*

*मेहाई कियां टाबरिया नैं भूल्या ओ*


महीना बित्या ओ मावडी

खोलो दया का द्वारक

करनादे कियां बालुड़ा नैं भूल्या ओ*

*मेहाई कियां टाबरिया नैं भूल्या ओ*


*रात दिवस शुभ सांझ को*

जप जप हारयो नाम

करनादे कियां बालुड़ा नैं भूल्या ओ*

*मेहाई कियां टाबरिया नैं भूल्या ओ*


आस तुम्हारी ही भगवती

और नहीं आधार

करनादे कियां बालुड़ा नैं भूल्या ओ

मेहाई कियां प्रांजल नैं भूल्या ओ


रचना - प्रहलाद कविया प्रांजल 



करणी महिमा चिरजा लिरिक्स किन्नू बन्ना Karni mahima lyrics kinnu banna kinnu banna kavi pranjal


 करणी महिमा


 


प्रथम गजानन को नमन, वर दो देवा खास

मेहाई महिमा कथूं, घट में करो उजास



सदा सवारी सिंह की सदा नयन में नेह

चारण कुल आये सती ,बार बार घर देह


हम महिमा गाते करणामय किनियाण की

ये देशनोक है तपोभूमि  करनल मात की



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उदित प्रभंजन धवल चार बिच

औरण वन बिकाण धरा पे

एक नगरी है विख्यात देशाणा नाम की

यही कर्मभूमि है नवलख लोवड़ियाल की

यह देशनोक है तपोभूमि करनल मात की



चारण वंश अति बडभागी सगती के सेवक अनुरागी

शिव आज्ञा ले धर पर आये सद कर्मों के शुभ फल पाये.

ज्यां घर जन्मी मेह दुलारी भयनाशी भव तारण हारी

लीला लाख दिखाई अंबे जयति जयति जय जय जगदम्बे

चहूं और जिसकी सकलाई भक्तों को रखती शरणाई

मां हरती घड़ियां दारुण दुख आघात की.

हम महिमा गाते...... 




संकट में हाजिर सदा काटे कष्ट तमाम*

देशनोक ज्यां को भवन,करनल ज्यों को नाम


शुभ दर्शन मां के सुखदाई सेवक के मां सदा सहाई

समद बीच जद शाह पुकारी धेन दुहत मा बांह पसारी

शेखा की विपदा हरण, रखन धर्म को मान

संवली बनकर शंकरी, झट पहुंची मुल्तान


काट दी बेड़ी विपदारी ... काट दी मां बड़ी शेखा री

हम तेरा गुणगान करेंगे हे शिव कि प्यारी

काट दी बेड़ी महतारी'



जो भी दर पर आ गया, कबहूँ ना खाली जाय

काज सिद्ध सबके करे, करणी नाम कहाय

'रिडमल राज दियो मेहाई, अणदे की मां लाव जुड़ाई

दया सिन्धु है करनल मैया, ममता की शीतल पुरवैया

मां तारणहारा तूं ही सकल जहान की


हम महिमा गाते.....


तूं शिव की आराधना, तू शंकर के प्राण*

अर्धनारीश्वर  रूप में,पूजे सकल जहान


करनल गर्व कान्ह को गारयो

दे हाथल पापी नै मारयो

बीके की अर्जी चित लाई

निज कर गढ़ की नींव लगाई



कपिल मुनि के आश्रम , डूब गया जब लाल

सिंह सजा जमपुर गयी, करनल बीस भुजाल 

बदल दी सृष्टि विधना री...बदल दी सृष्टि विधना री

शक्ति देख अचंभित रह गयी,ये दुनिया सारी

बदल दी सृष्टि विधना री.



देपावत कुल को मिली, खुशियों की सौगात

काबे कर निज लाडले,खती मढ़ में मात

किरपा भयी बन्ने पे भारी मूरत घड़ी मोहिनी प्यारी

पूर्ण कर सब काज मेहाई,, परम जौत में जौत समाई

सुर नर मुनि कर रहे जय जय करणी मात की


मैं मतिहीन कथूं के माया

ब्रह्मा तक तो वरण ना पाया

प्रांजल  पर रखियो प्रभुताई

जन्म जन्म दे मां शरणाई


       प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल

सुनें ये संपूर्ण करणी महिमा 👌💓here 



करणी संकट हरणी चिरजा लिरिक्स किन्नू बन्ना karni sankat harni chirja lyrics kinnu banna kavi pranjal

 


मढ देशाण धिराणी, त्रिभुवन की महारानी

करनी अशरण शरणी। || 

ओ मैया मेरी,

करणी अशरण शरणीर

करणी संकट हरणी

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शक्ति का तेरी पार ना पाया... 

दिग दश है जस छाया...... ओ मैया तेरा.... दिग दश है जस छाया

करणी अशरण शरणी

करणी संकट हरणी


कलजुग में बस तेरो सहारो....

संकट हर जगजननी..... ओ मैया मेरी संकट हर जगजननी

करणी अशरण शरणी

करणी संकट हरणी


कलजुग में बस तेरो सहारो....

संकट हर जगजननी..... ओ मैया मेरो संकट हर जगजननी

करणी अशरण शरणी

करणी संकट हरणी 


भवन तेरा देशाण सुहाना.... 

पावन औरण धरणी......ओ मैया तेरी....... पावन औरण धरणी

करणी अशरण शरणी

करणी संकट हरणी


तेरी कृपा से ये दुनिया चलती...... 

करुणा की निर्झरणी..... ओ मैया मेरी..... करुणा की निर्झरणी

करणी अशरण शरणी

करणी संकट हरणी


प्रांजल मां तुझे रोज मनावै 

सुत किन्नू तेरो जस गावै 

पार करो भव तरणी ......ओ मैया मेरी .......पार करो भव तरणी

करणी अशरण शरणी

करणी संकट हरणी 

      प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल 



मां अद्भुत रूप तेरा करणी माता चिरजा लिरिक्स किन्नू बन्ना कवि प्रांजल Maa adbhut rup tera chirja lyrics kinnu banna kavi pranjal


 *मां अद्भुत रूप तेरा, सबके मन भाये है*

त्रिदेव निरखने को, धरती पर आये हैं,


कानन कुंडल नथली, हेमल का हार सजे


भुजबंद कड़ा कर में, पायल झनकार बजे

त्रीशूल गदा धारे, सिर मुकुट सजाये है

त्रिदेव निरखने को धरती पर आये है

पूरी चिरजा यूट्यूब पर सुनने के लिए यहां क्लिक करें

आरूढ़ है अंब जिसपे, वह केहर गूंज करे

देखत नैनन ज्वाला, असुरन का जीव डरे

लाखों मारे पापी, कई भक्त बचाये हैं ९

त्रिदेव निरखने को धरती पर आये हैं


तेरा मढ़ संगमरमर का, सारे जग से न्यारा


मां कोटिक स्वर्गों से, तेरा देशनोक प्यारा


 दर्शन की द्वार तेरे, हम आस लगाये हैं

त्रिदेव निरखने को धरती पर आये हैं


दो बीर खड़े द्वारे, मां चंडी के चेले


आंगन तेरे अंबे, लाखों काबा खेले


सबके हरने दुख मां, मढ़ जौत जलाये है?

त्रिदेव निरखने को धरती पर आये हैं


शरणागत सुत किन्नू, संग देवराज अरज करै

बिन दर्शन मात तेरे, प्रांजल के नैन झरै


रहो सदा सहाई मां तेरी महिमा गायें है

त्रिदेव निरखने को धरती पर आये हैं... »*


लेखक प्रांजल

स्वर किन्नू बन्ना (सुनंदन आढ़ा )



मां काबांवाली है करणी माता चिरजा लिरिक्स अनुप्रिया लखावत ma kaba wali hai chirja lyrics anupriya lakhawat kavi pranjal

 


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धुन : "माँ ओ माँ"

मां काबा वाली है, मां डाढ्याली है,

लोवड़ वाली है, करणी मां, करणी मां।


मेरे जीवन की, डोरी हाथों में,

तूं राखण वाली है, करणी मां, करणी मां।


रोज सताये दूनिया सारी।


याद करूं तब दौडी दौडी आती मां किनियाणी।

दुष्ट संहारी है, मां महतारी है, चंडी काली है।

करणी मां, करणी मां।


ना मांगुं मां धन और दौलत।


चरणां चित्त लगे मैया बस इतनी दीजे राहत।


सिंह असवारी मां, लागै प्यारी मां, देशाणै वाली है।

करणी मां, करणी मां।


सबसे ऊंचा नाम तुम्हारा।

कष्ट मिटाना जग के करणी मैया काम तुम्हारा।


भक्त हित आती मां, लाज बचाती मां, बीसभुज वाली है।

करणी माँ, करणी माँ।

    प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल 

जय जय मां करणी माता चिरजा लिरिक्स अनुप्रिया लखावत Jai jai Maa anupriya lakhawat chirja lyrics kavi pranjal

 




हिंगलाज कहूं रिद्धुराज कहूं, कई रूप अनूप दिखाया माँ |2|

धरती पर पाप बढ्यो भारी, हरने मेहा घर आया माँ,


जय जय माँ, जय जय माँ ..... म्हारी माँ करणी माँ |2|


माथै पर मुकुट मणी धारी, मोतियन गलमाल सजाया माँ |2|

नवलाख लार लै रास रमो, घम घम घूघर घमकाया माँ,

जय जय माँ, जय जय माँ ..... म्हारी माँ करणी माँ |2|


जद नीच अधर्मी राड करी, तो पल में दुष्ट खपाया माँ |2|

पण शेख़ा री अरदास सुणी, तो संवली बण कर धाया माँ,

जय जय माँ, जय जय माँ ..... म्हारी माँ करणी माँ |2|


थे तीन लोक की स्वामिन हो, सारे जग पे हुकुम चलावो माँ |2|

फिर गौधन के हित औरण में, थे ग्वालिन भी बन ज्याओ माँ,

जय जय माँ, जय जय माँ ..... म्हारी माँ करणी माँ,


जय जय माँ, जय जय माँ ..... जय जय माँ, जय जय माँ /

      प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल 

Mavadi ro mukhdo chirja lyrics anupriya lakhawat मावड़ी रो मुखडो चिरजा लिरिक्स अनुप्रिया लखावत kavi pranjal

 


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म्हारी मावड़ी रो मुखड़ो देख्यां दुखड़ा कटै,


म्हारी करणी मां रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै |


ओ....दुखड़ा कटै ...मन री चिंता मिटै ..दुखड़ा कटै ....जन री विपदा छंटै |

म्हारी मावड़ी रा ओ...... म्हारी करणी मां रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै |


सुरज सा'मो प्यारो देवरो भवानी रो ......२,


हां जी मैया शोभा वरणी न जाय |


म्हारी मावड़ी रा ओ....... म्हारी करणी मां रो मुखड़ो देख्यां दुखड़ा मिटै |

म्हारी मावड़ी रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै |


दूर देशां सुं आवै जातरू भवानी रै .....२,


हां जी मैया मढ़ मांही काबां री किलोन |


म्हारी मावड़ी रा ओ..... म्हारी करणी मां रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै |

म्हारी मावड़ी रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै |


मोत्यां जड़यी लाखी लोवड़ी मेहाई री....२,


हां जी मैया मुखड़ै पर तेज अपार


म्हारी मावड़ी रा ओ...... म्हारी करणी मां रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै |

म्हारी मावड़ी रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै |


प्रांजल वरणी चिरजा चाव सूं भवानी री ....२,


हां जी मैया सगला ही जस गाय


म्हारी मावड़ी रा ओ.... म्हारी करणी मां रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै |

म्हारी मावड़ी रा दर्शण करियां दुखड़ा मिटै


प्रहलाद सिंह कविया "प्रांजल"

देशाणै बुलाओ करणी मात लिरिक्स अनुप्रिया लखावत deshane bulao karni mata lyrics anupriya lakhawat devraj charan


 दरश दिखाओ करणल मात जी, देशाणे बुलाओ करणल मात जी।

नित उठ जोड़ूूं थारै हाथ जी, देशाणै बुलाओ करनल मात जी।।


नयन दरश बिन विरह में तरसे, सावन भादो ज्यूं अंखिया बरसे।

झड़ लगी अंसुवन धार जी नित उठ जोड़ूूं थारै हाथ जी।।


चौक पूराऊं मां मंगल गाऊं, देशाणे री धरती पे वारी वारी जाऊं।

हेलो सुण लो मां महमाय जी, नित उठ जोड़ूं थारै हाथ जी।।


औरण में बोरडियां पाकी, कद मायड़ म्हानैं देशाणै बुला सी।

सूनो लागै सारो संसार जी, नित उठ जोड़ूं थारै हाथ जी।।


अरज सुणो मां बीस भुजाली, सेवगो री राखो रखवाली।

कर जोड्या गावै देवराज जी, नित उठ जोड़ूूं थारै हाथ जी।।

#देवराज सिंह सौदा राबचा »

विनती सुन जगदंबे करणी माता चिरजा लिरिक्स vinati sun jagdambe karni mata chirja lyrics kinnu banna kavi pranjal


 ओल्यूं कर कर दिवस बिताऊं, कब मां मढ बुलवाये

दिव्य रूप अलौकिक मां का, जो देखे तिर जाये

पल पल बढती जाये मन में, दर्शन की अभिलाषा

एक बार दर्श कराओ अंबा, पूरो मन की आसा 

विनती सुण जगदम्बे, दया कर भुजलंबे

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धर पर माना सात अजूबे, महल सुहाने प्यारे

लेकिन है सब ही तो फीके आगे भवन तिहारे

दुनिया भटके द्वारे द्वारे , मैं तो तुमको ध्याऊं

आया मां तेरे शरणे मैं नत हो शीश झुकाऊं

विनती सुण जगदम्बे, कृपा कर भुजलंबे



अगले जन्म मां देना हमको निज चरणों में डेरा

मढ़ में काबा कर मां पाऊं निश दिन दर्शन तेरा

निरख निरख मन मौद करे मां मूरत ये मतवाली

तूं ही आवड़ नागणेची मां कलकंते की काली

विनती सुण जगदम्बे, दया कर भुजलंबे 



करणी तन मन करणी जीवन, करणी नाम सहारा

'करणी करणी रटते रटते, जीवन गुजरे सारा

अंबा हरना पीर जगत की, सुख संपत बगसाना

हाथ पकड़ प्रांजल को करणी, भव से पार लगाना

विनती सुण जगदम्बे कृपा कर भुजलंबे


      प्रहलाद सिंह कविया प्रांजलTo Watch this full chirja on youtube click here




कोई ना सुणे मामा किणनै सुणाऊ चिरजा लिरिक्स bhairav nath chirja lyrics kavi pranjal


 पहली बार भैरव नाथ की चिरजा का प्रयास


तर्ज : कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं

तर्ज : कोई ना सुणै म्हारी किणनै सुणाऊं

*कोई ना सुणैं मामा किणनैं सुणाऊं*

*कोई ना सुणैं मामा किणनैं सुणाऊं*

*मनडै़ री बातां मिणधर किणनैं बताऊं*

*हिवडै री पीर म्हारी किणनैं सुणाऊं* 

*कोई ना सुणै मामा ....*


*जगत जमानूं म्हांनै ताना सुणावै*

*कड़वी कड़वी बातां बोलै, जीव दुख पावै*

*आंखडल्यां रा आंसु भैरव, किणनैं दिखाऊं*

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं*



*थारै ही भरोसै मिणधर नाव मझधार रै*

*बण आ मल्लाह मामा कर दीजै पार रै* 

*अ लहरां थपेड़ा मारै ,डूब नहीं ज्याऊं*

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं.....*



*बैनड़ तो है प्यारी थानैं बैठ्यो अगवाण रै* 

*भाणजियैं रै सहाय चढ़ंता कांई आवै ताण रै*

*थारो ही भरोसो मामा, किण दर जाऊं* 

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं.....*


*मैं भी तो हूं थारै बैनड़ रो बेटो रै*

*भूल म्हारी माफ कर  कांई रूस्यो बैठ्यो रै*

*बाकला चढाऊं भैवर ,नाथ नैं मनाऊं*

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं*


*प्रांजल ध्यावैं थानैं नित कर जोड़ रै*

*बीच भंवर में मामा हाथ मत छोड़ जै*

*डूबती जहाजां म्हारी ,किण विध बचाऊं*

*कोई ना सुणैं म्हारी किणनैं सुणाऊं.....*


       प्रह्लाद सिंह कविया प्रांजल

दिवलो चांदी रो करणी माता चिरजा लिरिक्स Karni Mata chirja lyrics diwlo chandi ro

 

दिवलो चांदी रो ,करणी माता रो प्यारो लागै सा 

दिवलो चांदी रो 

प्यारो लागै सा ज्योत नवखंड में जागै सा 

दिवलो चांदी रो ....


1  तीन सौ किलो  चांदी रो ,हीरा मोत्यां जड़ियो सा ...2

अन्नदाता रो दीप सवायो,भालो घड़ियों सा 

दिवलो चांदी रो 


2. खेलै मढ़ में रास करनला नवलख सगत्यां सागै सा

घूघरिया घमकातो भैरूं नाचैं आगै सा.....

दिवलो चांदी रो...


3  देशाणै में धाम मात रो,काबा री किलकारी सा

संगमरमर रो बण्यो देवरो,शोभा  प्यारी सा

दिवलो चांदी रो .....

          


4.  देशनोक आ पावन भूमि,केशर की सी क्यारी सा

जठै बिराजै मोटी मायड़,मेहदुलारी सा

दिवलो चांदी रो..... 


5.....सुणज्यो मन री बात  मावड़ी ,प्रांजल आज मनावै सा

अमृत हरासर मायड़ थारो  दिवलो गावै सा 

दिवलो चांदी रो


     प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल

           भगवानपुरा

लाखीणी लोवड़ी चिरजा लिरिक्स Karni Mata chirja lakhini lovadi lyrics kavi pranjal


 मेहाई थारी गजब रंगी रंगरेज 

अम्बेजी थारी गजब रंगी रंगरेज 

म्हानैं प्यारी लागै सा लाखीणी लोवड़ी म्हारो मनड़ो मोवै सा आ थारी लोवड़ी

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करणी मां थारै मुखड़ै चमक रियो तेज 

जगदंबा थारै मुखड़ै चमक रियो तेज 

पग सोवै कंचन री अनोखी पावड़ी

करणी मां थारी गजब रंगी ऱंगरेज 

म्हानै प्यारी लागै सा मां थारी लोवड़ी


करणी मां थे तो धरती पे धरिया पांव 

जगदंबा थे तो धरती पे धरिया पांव 

चंदन सी महकी देशाणा री मही 

बागां सी महकी देशाणा री मही

करणी मां थारी गजब रंगी रंगरेज

म्हानै प्यारी लागै सा मां थारी लोवड़ी


मेहाई थारी बोली सु बरसे फूल

बोलो तो लागे माँ फुला की सी झड़ी

मेहाई थारी 


किनियाणी म्हारा मनड़ो तरसै सा 

जगदंबा म्हारो मनड़ो तरसै सा 

दर्शण री म्हारै है मां मन में घणी 

करणी मां थारी गजब रंगी रंगरेज

म्हानै प्यारी लागै सा मां थारी लोवड़ी जगदंबा थानै प्रांजल याद करै 



करणी मां थानै प्रांजल याद करै 

 करणी मां थानै देवराज अरज करै 

सेवगां नै राखो मां लिपटाय लोवड़ी 

मेहाई थारी गजब रंगी रंगरेज

म्हानै प्यारी लागै सा लाखीणी लोवड़ी 

   कवि प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल रचित इस चिरजा को यूट्यूब पर सुनने के लिए यहां टैप करें



दर्शन दीज्यो ये करणी माता चिरजा लिरिक्स Karni Mata chirja lyrics


 धुन..... सावण आयो रे म्हारी परणी जोड़ी रा भरतार....


दर्शण दीज्यो ये..... म्हारी करुणा मय किनियाण ..... मेहाई म्हानै दर्शन दीज्यो ये.......

राजी रहिज्यो ये...... मैया बालक भोलो जाण..... डाढ्याली म्हां पर..... राजी रहिज्यो ये



नित उठ सिंवरू आपनै मां, त्याग कपट छल खोट

अटल भरोसो आपरो मां..  ..अटल भरोसो आपरो.... म्हानै ल्यो लोवड़ वाली ओट 

मेहाई म्हानै दर्शन दीज्यो ये......



करणी थारी शरण में, म्हाने चिंत नहीं लवलेश

धोकूं धर धणियाण नै मां, हंसतो रहूं हमेश.... 

डाढ्याली म्हानै दर्शन दीज्यो ये.......



हर पल थारा दरश मिलै मां, कर ऐड़ो प्रबंध 

काबो कर मढ़ मांयलो मां,...काबो कर मढ़ मांयलो.... . म्हानै बीसहथी भुजलंब 

डाढ्याली म्हानै दर्शन दीज्यो ये.......



भगतां नै भव तारणै, मां चारण रै घर आय 

सोरा राखो सेवगां मां ,.... .सोरा राखो सेवगां..... म्हारी आदि सगत सुरराय 

डाढ्याली म्हानै दर्शन दीज्यो ये.......






बीच भंवर प्रांजल री नैया, आप भरोसै माय 

बीच भंवर मां म्हारी नैया, आप भरोसै माय

पार करो परमेश्वरी अब..... पार करो परमेश्वरी.... थारी गुण कथ चिरजा गाय...

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करणी मां नामाक्षरी karni mata chirja lyrics

 

*मां करणी के चरणों में नामाक्षरी*



*क*

*कनक समो  किरदार, चमकत जूनी जोगणी*

 *सांचोडी सरकार , देशाणै री डोकरी.।*


*र*


*रटो रात दिन नाम, अटल अथक हो जीवडा.।*

*पग पग आसी काम, बिरदाली  बीसांहथी ।*


*नि*

*निवण मात सौ बार, नेह निहोरो लाल नैं .।*

*टालो विघ्न हजार, ले लोवड री ओट मां*


*मा*

*मात करै है माफ, टाबरियां गलत्यां करै*

*राखै मनडो साफ, आ ममता री मूरती*


*ता*


*तात तुम्ही जगदंब, नभ सो थारो आसरो. ।*

*आती बिना विलंब, साद सुणंता दास की ।*


    प्रहलाद सिंह कविया प्रांजल

देवी देशाणै बुला Karni Mata chirja lyrics

 

करणी मां के  51 दोहे 


1. देवी देशाणै बुला, उण ओरण रे मांय। 

दही बिलोता डोकरी भगत चराता गाय। 


2.देवी देशाणै बुला, बैठूं मढ री ओट। 

मन में ध्याऊं आपनै, त्याग कपट छल खोट। 


3.देवी देशाणै बुला, बीकाणै री नाक। 

जठै दास तिरिया घणा, दुष्ट हो गया खाक। 


4.देवी देशाणै बुला खास्यूं मीठा बोर। 

दर्शण पाकर आपरा नांचैला मन मोर। 


5.देवी देशाणै बुला, बोरडियां री छांव। 

उन धरणी माथौ धरूं, (जठै) करणी धरता पांव। 


6.देवी देशाणै बुला, उण सांचै दरबार। 

जय जय करणी कर रिया, सीस झुका नर नार।


7.देवी देशाणै बुला, थारै थली रै देस। 

चरणां चिरजा आपरै करूं चाव सैं पेस। 


8.देवी देशाणै बुला, लगा अती मत देर। 

बेटे रै सिर मावड़ी हाथ नेह सुं फेर। 


9.देवी देशाणै बुला, मत अरजी नैं टाल। 

घट का ताला खोल जो, कट ज्या भव जंजाल। 


10.देवी देशाणै बुला राख आपरै सीर। 

मां बेटो मिल जीमस्यां खांड लापसी खीर। 


11.देवी देशाणै बुला, चरणां टेकूं भाल ।

दुखड़ा दर्शन पावतां, कट ज्यावै तत्काल। 


12.देवी देशाणै बुला, उगतो देखूं भाण ।

मां आशीसां देवजे टाबर भोलो जाण ।


13.देवी देशाणै बुला,उण निज मढ रै मांय। 

मन चंचल जिण द्वार पे, दोड्यो दोड्यो जाय।


14. देवी देशाणै बुला, मचै मनां में होड। 

काबा देख गिनायती नांचै कर कर कोड। 


15.देवी देशाणै बुला, मति परायो जाण ।

जै निजरां सुं त्याग दे, पल में छोडूं प्राण। 


16.देवी देशाणै बुला, मत कर टालमटाल। 

थोडों सो भूंडो सही, हूँ तो थारो लाल। 


17.देवी देशाणै बुला, पड़ै बुलायां पार। 

दरस दियां बिन डोकरी छोडूं कोनी लार। 


18.देवी देशाणै बुला, एकर कर दे म्हेर। 

पाछै साल गुजार द्यूं, माला थारी फेर। 


19.देवी देशाणै बुला, कर दे बेडा पार। 

बिन थारी आशीष के चालै ना घरबार। 


20.देवी देशाणै बुला, धजबन्द थारै द्वार। 

जठै जीत बण ज्याय है दुनिया की हर हार। 


21.देवी देशाणै बुला, खड्यो सीस जमदूत ।

आय बचालै डोकरी प्रांजल थारो पूत ।


22.देवी देशाणै बुला, हे करणी करतार। 

कै तो कर काबो मनैं कै भव सागर पार। 


23. देवी देशाणै बुला, उण सुरगां सी भौम। 

सेवा में तरजन खड़ी, सारी चारण कौम। 


24. देवी देशाणै बुला, बीस हथी जगदम्ब। 

सांची सगती जगत में, डाढी वाली अम्ब। 


25. देवी देशाणै बुला, समझ हमारी पीर। 

दर्शन दीजे साथ ले, काला गोरा बीर। 


26  देवी देशाणै बुला, देखूं मढ में जौत। 

ओल्यूं थारी मावड़ी, आवै म्हानैं भोत ।


27.देवी देशाणै बुला, तुझ बिन कहाँ विकल्प। 

तन रीता धन बच गया, इन सांसों का अल्प।


28.देवी देशाणै बुला, जलम्यो थारी जात। 

एकर दर्शन डोकरी, दो मुझको साक्षात। 


29.देवी देशाणै बुला, मेट मनां री त्रास। 

जाऊं सब दुःख भूल मां , आकर तेरे पास। 


30.देवी देशाणै बुला, मेलो लागै जोर। 

जयकारा इण मात रा, गूंजै चारों ओर


31.देवी देशाणै बुला, कर थोड़ी परवाह। 

पल पल मुझको नोंचते, कलुषित जग के ग्राह। 


32.देवी देशाणै बुला, विनती मेरी मान

मुझको भी आशीष दे, हे ममता की खान। 


33. देवी देशाणै बुला, हे करनल किनियाण। 

ओ माटी को पूतलो, खड्यो आपरै पाण


34.देवी देशाणै बुला,सबसुं बड़ै मुकाम। 

तव चरणां में भगवती, बसते चारों धाम। 


35.देवी देशाणै बुला, हे डाढ्याली मात। 

मात बिना कुण जाणसी, टाबर रा जज्बात । 


36.देवी देशाणै बुला, हारै जठ 

जमदूत ।

आंधा नै आंख्यां मिलै, बांझड़ पावै पूत ।


37.देवी देशाणै बुला, दे चरणां रो सीर। 

करणी दर्शन सुं भवै, मनड़ो मस्त फकीर।


38.देवी देशाणै बुला, आकर थारै धाम। 

करणी करणी ही भजूं, मैं तो आठों याम। 


39.देवी देशाणै बुला, थोड़ी निजर पसार। 

मीठा छंद सुणायस्यूं, बैठ'र मढ रै द्वार।


40.देवी देशाणै बुला, राख चरण रो दास। 

तिरूं चरण रज पाय के, मन में है विश्वास। 


41.देवी देशाणै बुला, तन रूपी आ रेत। 

मन मढ में रम रम हुयो , उजलो घणो सफेत ।


42.देवी देशाणै बुला, फेरी में महा माय। 

कर कर कोड लगाय स्यां, मीठी चिरजा गाय। 


43. देवी देशाणै बुला, और दिखा दे राह 

मुझको भी तो तार दे, जैसे तारयो शाह 


44. देवी देशाणै बुला, मन कै तम ने मेट। 

रोग दोष मां काल नैं , कर दीज्यो थे भेंट 


45. देवी देशाणै बुला, सुण म्हारी आवाज 

मेरे सपनो को भी मां, दे दीज्यो परवाज। 


46.देवी दैशाणे बुला, देकर के आदेश। 

उण ऊंचै दरबार में , झट हो ज्याऊं पेश।


47. देवी देशाणै बुला, सातम वाली रात। 

तृप्त हुवैली आत्मा , दर्शन पा साक्षात।


48. देवी देशाणै बुला, राख पुत्र रो मान। 

मैं भी सुणस्यूं मावड़ी, सगत्यां रो गुणगान। 


49.देवी देशाणै बुला, मति परायो जाण ।

मैनें बुलातां मावड़ी, क्यूँ आवै तन ताण। 


50.देवी देशाणै बुला, कर कर हारयो टेर। 

म्हारी खातिर मावड़ी, करी अती क्यूँ देर 


51. देवी देशाणै बुला, एकर कर आदेश। 

तन मन धन सब मावड़ी, तव चरणां में पेश।

     प्रह्लाद सिंह कविया प्रांजल 

         भवानीपुरा 

     7425996344

सातों बहना पावणी चिरजा लिरिक्स Sato bahina pawani chirja lyrics


 ....... 🙏सातों बहना पावणी🙏.... 


तारां बिचलै चांद सरीखी, सूरत लुभावणी। (मूरत मन भावणी) 

जग तारण हित जन्म लियो, अ सातूं बहना चारणी। 

कुम कुम पग धरिया धरती पर, सातुं बहना पावणी। 


आवड़ आछी छाछी लांगी, हुली गुली रेपल मां, 

हिंगलाजा अवतारी अम्बा, मामड़ रै घर आवणी। 

जग तारण हित...... 


तेमड़ राक्षस मार भवानी, तेमड़ राय कहाई जी। 

देगराय दीनां दुखियां री, पल करै सहाई जी। 

जग तारण हित..... 


जैसाणै तन्नोट धरा पर, बसै आवड़ा माई जी। 

बैरी बम नै भाटा करिया, फौजां नैं जितवायी जी। 

जग तारण हित.... 


डूंगर माथै बण्यो देवरो, काला डूंगर राई जी। 

जग पूजै मन मोद भर्यां, हे घंटियाली महमाई जी। 

जग तारण हित.... 


दुष्ट वसन दूषित कर दिन्या, नाग रूप धर ध्यायी जी। 

मारवाड़ में सांची सगती, नागणेच्यां कहलाई जी। 

जग तारण हित... 


भादरियै में भवन सुहाणूं, शोभा पार ना पाई जी। 

भादरियै की राय, पुत्र प्रांजल की करो सहाई जी। 

 जग तारण हित


  जय माता  जी

थे हो आवड़ रा अवतार इन्द्र बाईसा चिरजा लिरिक्स the ho awad ra avtar chirja lyrics

 


आ मारवाड़ रै बीच मां नगरी थारी जी....२

थे हो आवड़ रा अवतार भगत हितकारी जी ...२


ओ थारै मुख सूरज सो तेज मुरत मतवारी जी .....२ 

निरखत मां हुया निहाल लगै छिब प्यारी जी .......२

थे हो आवड़ रा अवतार


थारै कर में सोवै मात तेज तलवारी जी ...२

सिर ऊपर पेच सुरंग मां शोभा न्यारी जी .....२

थे हो आवड़ रा अवतार


थारै चरणां च्यारूं धाम ध्यावै नर नारी जी ...२

मां करै भगतां री सहाय रखै रखवारी जी ...२

थे हो आवड़ रा अवतार


मां थे एक युग मारयो कंस बण्या बनवारी जी ....२

बण त्रेता युग में राम अहिल्या तारी जी .....२

थे हो आवड़ रा अवतार


थारै परचां रो नहीं पार सकलाई मां थारी जी ....२

धिन धिन  धापू मात की राजदुलारी जी ....२

थे हो आवड़ रा अवतार


आगै भी उबारया दास अब म्हारी बारी जी.....२

प्रांजल पर करज्यो महर मां अरजी उचारी जी ....२ 

थे हो आवड़ रा अवतार

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थारो टाबर भोलो मां करणी माता की चिरजा लिरिक्स रामावतार मारवाड़ी tharo tabar bholo ma chirja lyrics kavi pranjal


 थारो टाबर भोलो मां

म्हारो जन्म सुधारो मां

भुजलंब  दया करके

अब आय उबारो मां


1,)म्हारो कौन धणी देवी

बस थारो सहारो है

विपदा सू घिरयोडो मां

ओ टाबर थारो है


म्हारे हर एक संकट को 

कर द्यो निस्तरो मां


भुजलंब कृपा करके अब आय उबारो मां2



2 दुष्मी पग पग फैल्या 

नित रोज सतावे मां 

मझधार म्हारी नैया 

कुण पार लगावे मां

लहरा को डर लागे अब बांह पसारो मां

भुजलंब दया करके अब आय उबारो मां 2



मैं जानूँ कुछ भी ना

रखो जियां रह ज्याऊं

दर छोड़ थारो करणी

कुणसे दर मैं  जाऊ

थारे ही चरना में  

है जीवन सारो मां


भूजलंब दया करके अब आए उबारो मां


प्रांजल और देव थारै

दर शीश निवावै मां

सेवक ओ रामोतार

गुण थारा गावै मां

सुख दुख रा थे संगी

एक शरणो थारो मां

भुजलंब कृपा करके अब आय उबारो मां

प्रहलाद सिंह कविया


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आस टूटण लागी मां करणी माता चिरजा लिरिक्स रामावतार मारवाड़ी Aas tutan lagi ma chirja lyrics kavi pranjal


 अब आस टूटण लागी मां

सुनो जी अंबे

आस टूटण लागी मां

कि कद तक जोवां थारी बाट

कहो कीनियाणी मां


रिपु घन घनन घनन घण गाजै

आंसुं देख अव्वल गती आजै

साय करण मत देर लगा

अब सांस घुटन लागी मां 

सुनो जी अंबा

आस टूटण लागी मां 

कि कद तक जोवां थारी बाट 

कहो कीनियाणी मां.... 2


विपदा रोज  लपेटा मारै

सिंह चढ़ आज्यो संग सगत्यां रै

तारणहारा क्यूं नहीं तारे 

अब सांस घुटण लागी मां 

कहो जी अंबा 

सांस घुटण लागी मां 

कि कद तक जोवां थारी बाट 

कहो कीनियाणी मां...... 2


जमपुर जाकर लाल ले आई

झट महिषासुर मार भगाई

साय करण शेखै के धाई

बिड़द मत भूलो मां

सुनो जी अंबे

बिड़द थारो लाजै मां

कि कद तक जोवां थारी बाट

कहो कीनियाणी मां..... 2


आवड़ री थानैं आण मेहाई

हर संकट दिखला प्रभुताई

प्रांजल रै मां रहिज्यो सहाई

अब तो आ ज्याओ  मां

सुनो जी अंबे

अब तो आ ज्याओ मां

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